नमामि गंगे विभाग की तबादले में अनूठी पहल, कार्मिकों को उनके समाने दी गई मनचाही तैनाती
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Published - 29 May 2026 386 views
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में कार्मिकों ने बताई च्वाइस, मेरिट के आधार पर तुरंत सामने मिली तैनाती
- पूरी प्रक्रिया के दौरान कैबिनेट मंत्री, विभागीय दोनों राज्य मंत्री, अपर मुख्य सचिव नमामि गंगे रहे मौजूद
- वरिष्ठता क्रम और कार्य की गुणवत्ता के मानक के आधार पर मिला पहले तैनाती चुनने का अधिकारी
- हॉल में बैठे कर्मचारियों ने देखी पूरी तबादला प्रक्रिया
- पारदर्शिता के लिए बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के किया गया तबादला
- पारदर्शी तरीके से कार्मिकों को चट मिली पोस्टिंग, पट मिला ट्रांसफर ऑर्डर
*लखनऊ, 29 मई।* तबादला नीति में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार न हो और पारदर्शिता के साथ कार्मिकों को मेरिट के आधार पर तैनाती मिले। इसके लिए शुक्रवार को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने एक अनूठी पहल की । जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की अगुवाई में शुक्रवार को ट्रांसफर के इच्छुक सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को मनचाही तैनाती उनके सामने पारदर्शी तरीके से दी गई। इस पूरी प्रक्रिया में 170 अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला किया गया। यह पूरी प्रक्रिया विभाग के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, दोनों राज्य मंत्री दिनेश खटीक, रामकेश निषाद और विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव की मौजूदगी में की गई।
*100 से अधिक कार्मिकों का किया गया ट्रांसफर*
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान 170 कर्मचारियों और अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया। जिसमें जल निगम ग्रामीण विभाग के 131, लघु सिंचाई विभाग के 28 और भूगर्भ जल विभाग के 11 अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया। इसमें 2 मुख्य अभियंता, 15 अधीक्षण अभियंता, 35 अधिशासी अभियंता, 40 सहायक अभियंता और 78 जूनियर इंजिनियर के तबादले किए गए।
कार्मिकों से पूछकर दी गई मनचाही तैनाती
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जल निगम ग्रामीण विभाग के हॉल में 8 स्क्रीनों की व्यवस्था की गई थी। इन 8 स्क्रीनों पर संबंधित पदों के लिए रिक्त जिलों की सूची प्रदर्शित की गई। सबसे वरिष्ठ और सक्षम अधिकारियों से क्रमवार उनके तबादले की प्राथमिकता पूछी गई और उनके मनचाहे जिले को लॉक कर दिया गया। कम्प्यूटर का बटन दबते ही कुछ सेकेंड में ही कार्मिकों का ट्रांसफर लेटर उनके मोबाइल में पहुंच गया। इस प्रक्रिया में पूरे प्रदेश के ट्रांसफर के इच्छुक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। इस दौरान जो कार्मिक किसी कारणवश नहीं आ पाए थे, उन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया से जोड़ा गया था। जिससे वो अपनी बात मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रख सकें।
वरिष्ठता क्रम और कार्य की गुणवत्ता को रखा गया था मानक
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कार्मिकों के वरिष्ठता क्रम और कार्य की गुणवत्ता को मानक बनाया गया था। जो उनके केपीआई के(की परफॉर्मेंस इंडेक्स) आधार पर तय होता है। इस पूरी प्रक्रिया में कोई भी मानवीय हस्तक्षेप नहीं हो सकता है। इस पूरी प्रक्रिया से सभी कार्मिकों में खुशी की लहर है। इस दौरान अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की अगुवाई में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम कर रही है। इसी के तहत पारदर्शी तरीके से पूरी ट्रांसफर प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।
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